शिमला, मई 3 -- हिमाचल प्रदेश में होने वाले शहरी निकाय चुनाव इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गए हैं। इन चुनावों को अगले साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्हों पर लड़े जाएंगे, जिससे इनका राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।दोनों ने उतारे समर्थित उम्मीदवार प्रदेश में भले ही पंचायत चुनाव भी साथ-साथ हो रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की नजर खास तौर पर शहरी निकाय चुनावों पर टिकी है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव भले ही पार्टी चिन्ह पर नहीं होते, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने समर्थित उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इससे साफ है कि दोनों दल इन चुनावों को सीधे-सीधे अपनी ताकत की परीक्षा मान रहे हैं।मंडी, सोलन, पालमपुर और धर्...