नई दिल्ली, मई 19 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। हिमाचल प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले सेमीफाइनल के रूप में देखे जा रहे स्थानीय निकाय चुनावों के मिले-जुले नतीजों ने बदलाव को लेकर आश्वस्त दिख रही भाजपा को सतर्क कर दिया है। पहले दौर में आए 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकर दोनों दलों के अपने-अपने दावे हैं क्योंकि यह चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं हुए थे। हालांकि, भाजपा समर्थकों को इसमें बढ़त मिली है, लेकिन कई जगह कांग्रेस भी बेहतर रही है। अब 31 मई को आने वाले चार नगर निगमों के नतीजों पर सभी की नजर टिकी है। हिमाचल प्रदेश भाजपा की रणनीति में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस के पास दक्षिण भारत को छोड़कर पूरे देश में एकमात्र इसी प्रदेश में सरकार है। ऐसे में भाजपा अगले साल यहां पर विधानसभा चुनाव म...