मेरठ, नवम्बर 18 -- अपनों से अंजान एवं विपरीत मानसिक-शारीरिक चुनौतियों से जूझते हुए इन विशेष बालिकाओं की दुनिया कैंट स्थित ज्योति निवास है। पूरी तरह शांत इस चाहरदीवारी के बीच यह बालिकाएं शहर से हर रोज पहुंचने वाले लोगों के साथ में छोटी-छोटी खुशियां तलाशती हैं। सोमवार को इन बालिकाओं के पास हिन्दुस्तान भी पहुंचा और प्यार एवं अपनेपन की फुहार से उनके दिलों से जुड़ने की पहल की। हिन्दुस्तान फुहार में बालिकाओं ने केक काटते हुए अपनी सुरीली आवाज से स्वागत गीत प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। 'खुशी का ये दिन नाचे गाएं, हैवी-हैवी वेलकम' स्वागत गीत की इस प्रस्तुति से बालिकाओं ने सबको अपनी प्रतिभा एवं स्नेह के सूत्र में पिरो दिया। गाजियाबाद, आगरा से आई हैं 31 बालिका सिस्टर रोजिना ने कहा कि 1973 में शुरू हुए इस ज्योति निवास में विशेष जरूरतमंद 31 बालिकाएं...
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