पूर्णिया, जनवरी 24 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। वर्ष 2022 के अप्रैल महीने से अज्ञात वाहनों की ठोकर से हुई मौत एवं गंभीर रूप से जख्म के मामले में सरकार ने मुआवजा का प्रावधान किया है। परन्तु चार साल बीतने के बाद भी जिले के अधिकांश लोग इस योजना से अंजान हैं। खासकर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के इस योजना का लाभ लेने में सिफर चल रहे हैं। जबकि मौत मामले में धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है और मृतक के आश्रित मुआवजा क्लेम लेकर जिला परिवहन कार्यालय पहुंच रहे हैं। जिससे उनहे योजना का लाभ मिल रहा है। हालांकि इस मामले में भी जागरूकता की रफ्तार काफी कम है। यही कारण है कि चार सालों में जिले से करीब 186 आश्रितों को भुगतान के लिए जीआईसी को प्रपोजल भेजा गया है, जिनमें महज 128 आश्रितों के बैंक खाते तक मुआवजा की राशि आई है। नाम मात्र के लाभार्थियों के पेंडि...