​प्रयागराज, अगस्त 11 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन (इस्लाम) करने वाली दो बालिग बहनों को उनके पिता द्वारा अवैध हिरासत में रखे जाने के मामले में सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोनों युवतियों को उनकी इच्छानुसार किसी भी स्थान पर रहने और अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ जीवन जीने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की है। इसके साथ ही बालिग बेटियों के मौलिक अधिकारों का हनन करने और उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के लिए उनके पिता और उत्तर प्रदेश सरकार को संयुक्त रूप से 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने दोनों बहनों कोई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।​संवैधानिक अधिकार माता-पिता की सत्ता या सामाजिक सोच से ऊपर ​न्यायमूर्ति संदीप जैन ने अपने 70 पृष्ठों के विस्तृत आदेश में स्पष...