नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म से इस्लाम में धर्मांतरण करने वाला व्यक्ति केवल धर्मांतरण के आधार पर पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकता। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इससे पहले हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के इससे जुड़े एक आदेश को रद्द कर दिया था। इस आदेश के तहत पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जातियों के लोगों को इस्लाम अपनाने के बाद भी बैकवर्ड क्लास मुस्लिम की श्रेणी में शामिल करने की इजाजत दे दी गई थी। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि हिंदू धर्म छोड़कर किसी दूसरे धर्म...