प्रयागराज, जून 14 -- हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, नैतिक एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण संस्थान तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को जगत तारन डिग्री कॉलेज के रविन्द्रालय सभागार में राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि हिंदू समाज में कोई पतित नहीं होता, हिंदू समाज का दर्शन हमें कुंभ में अनेकता में एकता देखने का अवसर देता है। जिस तरह से संगम में मां सरस्वती नहीं दिखती उसी प्रकार से शिक्षा दर्शन लुप्त हो गया है। कहा कि कहीं न कहीं हम हिंदू दर्शन से दूर हो गए हैं, इसका सृजन कैसे हो, इसके लिए हिंदू को अपने धर्म के दर्शन से जुड़कर कार्य करते हुए सनातन धर्म को बढ़ाना होगा। हिंदू होने का लक्षण यज्ञ, दान, तप और कर्म हैं। हिंदुत्व का सृजन दर...