गोरखपुर, मई 1 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि हिंदी विभाग की गौरवशाली परंपरा है। यहां के पुरातन छात्रों ने बड़ी लकीर खींची है। उनसे संवाद, समन्वय व संवेदनात्मक जुड़ाव आवश्यक है। मौजूदा पीढ़ी को उनसे निरंतर मार्गदर्शन हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान व प्रोत्साहन स्वस्थ्य समाज की निशानी है और पुरातन छात्र सम्मिलन इसका सुंदर उदाहरण। इससे चेतना की सुदीर्घ यात्रा में पीढ़ियों का आपसी संवाद संभव होता है। यह संवाद ठोकर लगे बगैर सीखने का अवसर देता है। यह भी पढ़ें- पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को किया साझा हिंदी विभाग के पुरातन छात्र एवं शिक्षक पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने स्मृतियों के...