हिंदी मीडियम से पढ़ाई, कॉल सेंटर में नौकरी, आखिरी प्रयास में यूपीएससी में 189वीं रैंक हासिल कर सूरज परिहार बनें IPS
नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- IPS Suraj Singh Parihar Success Story: अक्सर लोग सोचते हैं कि यूपीएससी (UPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा केवल बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों और मजबूत आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए ही बनी है। लेकिन उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहार का सफर इस बात का जीता-जागता सबूत है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गांव के सरकारी स्कूल से निकलकर भी देश की सबसे बड़ी परीक्षा में परचम लहराया जा सकता है। सूरज ने अपने जीवन में कॉल सेंटर की नौकरी से लेकर बैंक मैनेजर का पद छोड़ने तक का कठिन रास्ता तय किया और करीब 8 साल के लंबे संघर्ष के बाद ऑल इंडिया 189वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना सच किया।बालश्री पुरस्कार से मिला हौसला, अंग्रेजी बनी शुरुआती चुनौती सूरज की शुरुआती पढ़ाई उनके गांव में हुई, जि...
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