अलीगढ़, जनवरी 31 -- अलीगढ़, संवाददाता। हिंदी और उर्दू की साझा तहज़ीब, भाईचारे और साहित्यिक विरासत को समर्पित कार्यक्रम "एक शाम नीरज-शहरयार के नाम" का आयोजन शुक्रवार को कृष्णांजलि मंच पर किया गया। कार्यक्रम के संयोजक गुलज़ार अहमद रहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अलीगढ़ में नीरज और शहरयार को समान श्रद्धा से याद किया जाता है, वही मिसाल गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी रहीस कुरैशी ने की। मुख्य अतिथि एएमयू के पूर्व कुलपति और एमएलसी तारिक मंसूर मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व मेयर मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद रईस, जॉनी फास्टर, नदीम नवीन मौजूद रहे। कार्यक्रम में असलम विशाल ने नीरज के गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं से खूब तालियां बटोरीं। जॉनी फास्टर ने अलीगढ़ पर आधारित कविता सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर किया। संचालन प्रोफेसर मिस्कात, अध्यक्...