वाराणसी, अप्रैल 13 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के निदेशक डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने दो सौ साल की गौरवशाली यात्रा में भारतीय समाज, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त आधार प्रदान किया। वर्ष 1826 में 30 मई को जन्म के बाद यह महज सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की संवाहक बनी। बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में रविवार को 'हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष : ऐतिहासिकता, परिवर्तन और चुनौतियां' विषयक संगोष्ठी के समापन सत्र में कई वक्ताओं ने विचार रखे। डॉ. सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के मूल्यों पर चर्चा की। कहा कि तकनीक मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व से अलग नहीं की जा सकती है। बंगाल के बाद काशी हिंदी पत्रकारिता का प्रमुख केंद्...