वाराणसी, जुलाई 18 -- वाराणसी, संवाददाता। हिंदी साहित्य के उत्थान में नागरी प्रचारिणी सभा ने अविस्मरणीय योगदान किया है। इस इमारत की एक-एक ईंट हिंदी सेवियों के अनन्य योगदान की गवाह हैं। ये बातें बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहीं। वह सभा के स्थापना दिवस उत्सव के दूसरे दिन आयोजित प्रदर्शनी एवं विथिका का उद्घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बीएचयू और सभा को साथ मिलकर बड़ी परियोजनाएं हाथ में लेनी चाहिए। दोनों के संग्रहालयों में उपलब्ध वस्तुओं और हस्तलेखों की प्रतिकृतियां दोनों संस्थाओं के पास होनी चाहिए। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा, यह जानकर मुझे खास अपनापन का अनुभव हो रहा है कि 1950 के पहले तक भारत कला भवन सभा का हिस्सा था। महात्मा गांधी ने कला भवन की सामग्री का अवलोकन सभा-परिसर में ही किया था। कला भवन ...