नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- अपने सबसे मजबूत गढ़ दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के एक फैसले ने कई राजनीतिक पंड़ितों को लगातार दूसरे साल चौंका दिया है। हैरान तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी होगी कि क्यों दिल्ली में एक दशक से अधिक समय तक सरकार चला चुकी 'आप' ने एमसीडी (म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली) में उसके लिए लगातार दूसरे साल खुला मैदान छोड़ दिया है। अचरज इसलिए भी अधिक है क्योंकि महज 9 पार्षद वाली कांग्रेस मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ने की हिम्मत जुटा रही है, लेकिन टक्कर दे पाने में सक्षम होने के बावजूद 'आप' ने उम्मीदवार नहीं उतारने का ऐलान कर दिया। दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए 29 अप्रैल को चुनाव होना है। एमसीडी के पार्षद, दिल्ली के निर्वाचित विधायक और सांसद इस चुनाव के वोटर होते हैं और एक साल के लिए मेयर और डिप्टी ...