वाराणसी, अक्टूबर 16 -- वाराणसी। सदियों से भारतीयों को उत्तर और दक्षिण या 'आर्य और द्रविड़ के नाम पर बांटने वाली पश्चिमी थ्योरी पूरी तरह से भ्रामक है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रचारित एएनआई (एन्सेस्ट्रल नॉर्थ इंडियन) और एएसआई (एन्सेस्ट्रल साउथ इंडियन) थ्योरी असल में कभी भारत मे अस्तित्व में थी ही नहीं। यह सिर्फ अंग्रेजों के नस्लीय सिद्धांत का नया स्वरूप है। बीएचयू एमएमवी में आयोजित विशेष व्याख्यान में शुक्रवार को जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने यह खुलासा किया। एमएमवी स्थित 'प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व' विभाग में डॉ. स्वतंत्र सिंह की देखरेख में आयोजित व्याख्यान में 'भारतीय उपमहाद्वीप की सदियों पुरानी थ्योरीज को डीएनए रिसर्च कैसे बदल रहा है' विषय पर प्रो. चौबे ने अपने शोध समूह के अध्ययनों के हवाले से कई जानकारिय...