जमशेदपुर, जुलाई 23 -- हार्ट अटैक की स्थिति में थ्रंबोलाइटिक थेरेपी से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इस थेरेपी के तहत डॉक्टर मरीज को एक इंजेक्शन देंगे, जिससे उनके हृदय की धमनियों में जमा खून का थक्का घुल जाएगा और रक्त प्रवाह शुरू हो जाएगा। इससे मरीज को कुछ दिनों का समय मिल जाएगा, जिससे वह बड़े अस्पताल या बड़े शहर में जाकर एंजियोप्लास्टी करा सके या स्टंट लगवा सके। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में यह थेरेपी जल्द शुरू होगी। इसके लिए मेडिसिन विभाग, पैथोलॉजी और फार्माकोलॉजी विभाग के डॉक्टर जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार कर निर्णय लेंगे। एमजीएम के प्रोफेसर डॉ. एके बिस्वास ने बताया कि हृदयाघात या हार्ट अटैक के बाद मरीज के पास छह घंटे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान एंजियोप्लास्टी कर बचाया जा सकता है। लेकिन इतने कम समय में सही...