प्रमुख संवाददाता, अगस्त 2 -- UP News: यूपी के कानपुर में पुलिस की लापरवाही की वजह से पांच बेगुनाह तीन साल तक हत्यारोपी का दाग लेकर जीते रहे। दरअसल, पुलिस ने हार्टअटैक के एक मामले को कत्ल बताकर इन पांचों को जेल भेजा था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने साबित कर दिया कि हत्या नहीं हार्ट अटैक से मौत हुई थी। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इनमें से तीन आरोपी निर्णय आने के बाद जेल से बाहर आ गए हैं। दो पहले से ही जमानत पर बाहर थे। बाबूपुरवा के ट्रांसपोर्ट भवन में चौकीदार जितेंद्र उर्फ भाटे के साथ पल्लेदारी करने वाले अशोक और इम्तियाज रहते थे। मुंशीपुरवा का संतोष उर्फ कलाकार भी मजदूरी करता था। उसका परिवार से विवाद हुआ तो वह भी ट्रांसपोर्ट भवन में रहने लगा। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राजेश्वर तिवारी ने बताया कि 31 अ...