लखनऊ, सितम्बर 22 -- सड़क हादसे के बाद सिर्फ मुकदमा दर्ज कर आगे बढ़ जाने के बजाय अब पुलिस हादसे की पूरी कहानी खंगालेगी। दुर्घटना क्यों हुई, सड़क की बनावट जिम्मेदार थी या यातायात नियमों की अनदेखी, अवैध कट या खराब रोशनी ने खतरा बढ़ाया। इन सभी पहलुओं की पड़ताल के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने 'जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट' अभियान के तहत 'प्रमाण पहल' शुरू की है। डीसीपी रवीना त्यागी के मुताबिक पांच सदस्यीय टीम में एक दरोगा और चार सिपाही होंगे। टीम एक जनवरी 2024 से अब तक हुई सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण करेगी। एफआईआर के आधार पर हादसे की तारीख, समय, वाहन, दुर्घटना का प्रकार, हिट एंड रन और सड़क के प्रकार समेत 25 से 100 तक बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। राष्ट्रीय पोर्टल ई-डार/आई-राड पर दर्ज आंकड़ों का एफआईआर से मिलान कर खामियों को भी दुरुस्त किया जाए...