उन्नाव, अप्रैल 29 -- उन्नाव, संवाददाता। मंदिर में मुंडन की खुशी के पल मनाकर लौट रहे 11 लोगों की जिंदगी कुछ ही पलों में चीखपुकार और खून से सनी त्रासदी में बदल गई। डंपर के नीचे दबने से जहां बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, वहीं छह मृतकों में तीन महिलाओं के शव इतने बुरी तरह क्षतविक्षत हो गए कि परिजन घंटों तक उन्हें पहचान नहीं सके। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कपड़ों के आधार पर पहचान हो सकी, जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की जा सकी। मृतका विटाना, उसकी जेठानी गीता और गांव की अर्चना के चेहरे पूरी तरह से क्षतविक्षत हो चुके थे। स्थिति ऐसी थी कि शवों को देखकर भी उनके परिजन यह समझ नहीं पा रहे थे कि कौन विटाना है, कौन गीता और अर्चना है। अस्पताल और घटनास्थल पर मौजूद परिजनों के लिए यह दृश्य बेहद कष्टदायक और असहनीय था। शवों की पहचान को लेकर परिजन लग...