बाराबंकी, जून 27 -- बाराबंकी। देश में हर बड़े हादसे के बाद जिले में प्रशासन की सक्रियता बढ़ जाती है। कुछ दिन तक जांच, नोटिस और कार्रवाई का शोर रहता है, लेकिन मामला ठंडा पड़ते ही अभियान भी फाइलों में सिमट जाता है। इसके बाद फिर किसी नए हादसे का इंतजार शुरू हो जाता है। कुछ साल पहले दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुई मौतों के बाद जिले में फायर विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कोचिंग सेंटरों की जांच का अभियान चलाया था। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों की अनदेखी मिली, नोटिस भी जारी हुए, लेकिन इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। कुछ ही दिनों में पूरा अभियान ठंडे बस्ते में चला गया。 यह भी पढ़ें- इस अग्निकांड के लिए पूरा तंत्र जिम्मेदारहालिया घटनाएँ हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में आग और फिर लखनऊ की एक लाइब्रेरी में आग की ...