लखनऊ, जुलाई 24 -- अवनीश जायसवाल,वरिष्ठ संवाददाता, लखनऊ। लखनऊ की सड़कों पर वाहन सवार बेलगाम होते जा रहे हैं। क्षमता से तेज रफ्तार में चल रहे वाहन बेकसूर लोगों को टक्कर मार रहे हैं। किसी की जान जा रही है तो कोई हमेशा के लिए अपाहिज हो जा रहा है। सड़क पर टक्कर मारकर गायब हो जाने वाले वाहन ड्राइवरों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। राजधानी में बीते डेढ़ वर्षों में हादसा करके भागने के 345 मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को हिट रन योजना के तहत मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। इसका खुलासा मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को यह रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिसमें बताया गया कि एक वर्ष बीतने के बाद भी 96 मामले लंबित पाए गए। वहीं इस वर्ष दर्ज 124 माम...