चंदौली, मार्च 25 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। नफरत की आंधियों में भी मोहब्बत का दिया जलाएंगे, हम हिंदू-मुस्लिम मिलकर देश का नाम बढ़ाएंगे। ऐसे ही शेरो-शायरी, श्रृंगार रस, देशभक्ति, हास्य-व्यंग की कविताओं का लुत्फ क्षेत्र के बड़गावां गांव में बीते सोमवार की शाम कौमी यकजहती फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया। अबू बकर सिद्दीकी नाम से आयोजित 9वां आल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में श्रोतागण झूमते रहे।कवियों के शानदार प्रस्तुति ने लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मुशायरा में सभी अतिथियों, कवियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद डॉ सबा बलरामपुरी ने तेरे नाज उठाऊं कैसे मुझे तजर्बा नहीं है, मेरा इश्क है ये पहला कोई दूसरा नहीं है। सुनाकर खूब तालियां बटोरी। दमदार बनारसी ने कल तक जो गैस ...