हल्द्वानी, मई 14 -- हल्द्वानी। गौला नदी के देवरामपुर से लालकुआं गौला गेट के बीच जमा 4 लाख घनमीटर से अधिक रेता-बजरी के टापुओं को हटाने का काम शुरू हो गया है। नदी के बीचों-बीच जमा आरबीएम न केवल हाथियों की आवाजाही में रोड़ा बन रहा था, बल्कि इसके कारण किनारों पर भारी भू-कटाव भी हो रहा था। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। हाथी कॉरिडोर में बने इन टापुओं को चैनलाइज करने के प्रयास वर्ष 2018 से चल रहे थे। लगातार हो रहे कटाव के कारण हर साल बेशकीमती वन भूमि और कृषि भूमि बर्बाद हो रही थी। स्थानीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी इस मामले को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद सरकार ने चैनलाइजेशन का जिम्मा ब्रिडकुल को सौंप दिया। उत्तराखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बीते 4 मई को आठ कड़ी शर्तों के साथ इस कार्य...