चतरा, फरवरी 17 -- चतरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में जंगली हाथियों और अन्य वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलने में हो रही देरी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई पीड़ित परिवारों का आरोप है कि वे मुआवजे के लिए लगातार कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। हालांकि वन विभाग का कहना है कि अधिकांश मामलों में भुगतान किया जा चुका है, और लंबित मामलों को भी जल्द निपटाया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में जंगली जानवरों से जुड़ी कुल 78 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें मृतक, घायल, मकान क्षति, फसल नुकसान और पशुहानि के मामलों में कुल 14,94,462 रुपये मुआवजा दिया गया। इस अवधि में जंगली हाथी से किसी की मौत नहीं हुई थी। नियम के अनुसार जंगली जानवर के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। रिपोर्ट म...