हाथरस, अप्रैल 6 -- हाथरस। हाथरस का जिला बने कई साल हो गए। अभी तक लोगों को टीपी नगर नहीं मिला है। यदि ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को ट्रांसपोर्ट नगर मिल जाए तो आमजन को जाम से राहत मिलेगी। नहरोई गांव के निकट भूमि चिंहित हो गई है। अभी कार्य योजना धरातल पर उतरने का इंतजार है। टीपी नगर न होने के चलते वाहन आगरा अलीगढ मार्ग पर फुटपाथ पर खडे हो रहे हैं। इस कारण लोगों को दूरी तय करने में मुशिकलों का सामना करना पड़ता है। हाथरस जिले के औधौगिक नगरी कहा जाता है। यहां हींग, रंग गुलाल, अचार मुरब्बा, हैंडीक्राफ्ट, रेडीमेड, हींग आदि का कारोबार होता है। हर रोज जिले में करीब दो हजार वाहनों का आवागमन होता है। यहां राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ आदि कई प्रांतों को माल की आपूर्ति होती है। इसके बाद भी यहां टीपी नगर का निर्माण नहीं हुआ है। टीपी नगर न होने क...