मुजफ्फरपुर, सितम्बर 23 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान के बाद समय पर जांच, इलाज और रेफरल नहीं मिलने की समस्या दूर करने के लिए मुजफ्फरपुर में शुरू किया गया एचआरपी हेल्प डेस्क मॉडल अब पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 315 हाई रिस्क गर्भवतियों का फोन से लगातार फॉलोअप किया गया। इसके अनुभव के आधार पर स्वास्थ्य विभाग सभी जिलों में हेल्प डेस्क शुरू करने की तैयारी कर रहा है।पायलट में सामने आया कि केवल फोन पर सलाह देना पर्याप्त नहीं है। हाई रिस्क की पहचान के बाद जांच, उपचार, परामर्श और जरूरत पड़ने पर रेफरल की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। इसी अनुभव के आधार पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था विकसित की गई है। इसका उद्देश्य हाई रिस्क गर्भवती को पहचान के बाद जांच से लेकर इलाज और रेफरल तक एकीकृत सेवा उपलब्ध ...