मुजफ्फरपुर, अगस्त 17 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी के लिए सरकारी अस्पतालों में नोडल बनाए जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इसका निर्देश दिया है। लेबर रूम में काम करने वाली नर्स को निगरानी के लिए नोडल बनाया जाएगा। विभाग का कहना है कि हाई रिस्क गर्भवतियों को बेहतर इलाज मिल सके, इसलिए यह पहल की जा रही है। सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ ज्ञानेंदु का कहना है कि विभाग की इस पहल से हाई रिस्क गर्भवतियों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।

हाई रिस्क गर्भवती की श्रेणी सदर अस्पताल की स्त्री व प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा आलोक और डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि एनीमिया व बीपी से ग्रस्त गर्भवतियां हाई रिस्क जोन में आती हैं। इसके अलावा जिन गर्भवतियों में शुगर ज्यादा होती है, वह भी हाई रिस्क में आती हैं। एसकेएमसीएच में स्त्री व प्रस...