अहमदाबाद, जुलाई 15 -- गुजरात हाई कोर्ट ने गलत जनहित याचिका दायर करने के लिए 7 लोगों के समूह पर 1.4 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे बेईमान वादियों के लिए कोई जगह नहीं है, जिन्होंने रिट याचिका में अपनी साख का खुलासा नहीं किया है। कहा कि ये लोग कौन हैं, कोई नहीं जानता। वे क्या व्यवसाय करते हैं, उनका पेशा क्या है, कुछ भी नहीं। गुजरात हाई कोर्ट ने व्यक्तिगत प्रतिशोध के कारण एक बिल्डर को दी गई विकास कार्यों की अनुमति को रद्द करने की मांग करने वाली जनहित याचिका दायर करने वाले 7 वादियों पर सामूहिक रूप से 1.4 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डी.एन. रे की खंडपीठ ने रिट याचिका को 2000000 रुपए के जुर्माने के साथ खारिज कर दिया, जिसका भुगतान प्रत्येक 7 याचिकाकर्ता को करना है। सोमवार को वेबसाइट ...
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