विधि संवाददाता, जनवरी 22 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए अस्थि परीक्षण कराने की मांग को पांच हजार रुपये हर्जाने के साथ खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाईस्कूल का प्रमाणपत्र उपलब्ध होने के बाद भी उम्र जांच के लिए अस्थि परीक्षण की मांग करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। मामले में आरोपी सिद्धू उर्फ हसमुद्दीन के खिलाफ गोरखपुर के पिपराइच थाने में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने सिद्धू उर्फ हसमुद्दीन की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। गोरखपुर जिले के पिपराइच थाने में सिद्धू के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व बीएनएस की अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है। ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए अस्थि परीक्षण की मांग में दाखिल अर्जी खारिज कर दी थी। आरोपी ने इसे हाईकोर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.