मथुरा, मार्च 22 -- फरसा वाले बाबा ने गो-रक्षक दल में शामिल होने वाले युवाओं का नेतृत्व करते थे। शनिवार को अपने एक शिष्य को ट्रक के आगे से धक्का देकर बचाते हुए किया, लेकिन बाबा की खुद मौत हो गयी। बाबा के शिष्य हरिओम व ग्रामीण मोहरपाल सिंह, पूर्व प्रधान नारायण सिंह, राजवीर सिंह ने बताया कि बाबा हमेशा गोरक्षा दल में शामिल होने वाले युवाओं को संबल देते थे। कहते थे कि दल के किसी भी सदस्य को मौत छू नहीं सकती। हरिओम ने बताया कि घटना के समय मैं बाबा के साथ था। बाबा ने तेजी से ट्रक को अपनी ओर आता देख मुझे धक्का देकर दूसरी तरफ गिरा दिया स्वयं ट्रक की चपेट में आकर जान दे दी। उक्त घटना को याद कर हरिओम फूट-फूटकर रोता जा रहा है। उसके आंसू नहीं रुक रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...