हाईवे पर स्पीड रडार न कैमरे, रफ्तार पर कैसे लगे अंकुश
बाराबंकी, सितम्बर 25 -- बाराबंकी। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के बाद भी अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। परिवहन, यातायात पुलिस हो या फिर एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीमों की लापरवाही ऐसे हादसों का सबब बन रही हैं। स्लीपर बस, ट्रक व अन्य सवारी वाहनों की फिटनेस की अनदेखी यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही है। जिले में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं जिनमें वाहनों में आग लगी और लोग जिंदा जल गए। हादसा होने पर कुछ दिनों तक अधिकारियों की सतर्कता दिखती है। जिले से होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, सुल्तानपुर हाईवे, लखनऊ-अयोध्या हाईवे, आउटररिंग रोड और लखनऊ-महमूदाबाद हाईवे गुजरा है। इन पर वाहनों की तेज रफ्तार आए दिन हादसे का सबब बनती है। इसकी रोकथाम के लिए स्पीड रडार तक हाईवे पर नहीं लगे हैं। जिससे रफ्तार पर नियंत्रण किया जा सके। यहां ...
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