नई दिल्ली, जुलाई 22 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुजरात के एक अपतटीय तेल क्षेत्र के लिए वेदांता के साथ उत्पादन साझेदारी अनुबंध (पीएससी) की अवधि बढ़ाने से इनकार करने और उसके परिचालन का जिम्मा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) को सौंपने के केंद्र सरकार के फैसले को बुधवार को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने वेदांता लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 19 सितंबर 2025 के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया गया था। मंत्रालय ने इस आदेश के जरिये गुजरात के सुवाली तेल क्षेत्र के लिए 20 जून 1998 के उत्पादन साझेदारी अनुबंध की अवधि बढ़ाने संबंधी कंपनी के वर्ष 2021 के आवेदन को खारिज कर दिया था। याचिका में ओएनजीसी को निर्देश देकर पीएससी क्षेत्र में कंपनी ...