हमीरपुर, फरवरी 17 -- हमीरपुर, संवाददाता। बरसों पहले मान सिंह अपनी मां पुनिया के साथ गिमुंहा गांव के सिद्धबाबा डेरा में आकर बस गया था। मूलरूप से कानपुर देहात के थाना मूसानगर के ताहरापुर गांव निवासी मान सिंह का कोई भी सगा मामा नहीं था। मान सिंह को मां के हिस्से की 13 बीघा जमीन मिली थी। इसके अलावा उसके नाम सरकारी जमीन का पट्टा भी हुआ था। इसी पट्टे की जमीन को लेकर मान सिंह का अपने चचेरे मामा के पुत्र धनीराम उर्फ करिया आदि से विवाद चल रहा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। परिजनों के मुताबिक हत्या से करीब दो माह पूर्व हाईकोर्ट से मान सिंह की जीत हुई थी। इस फैसले के बाद से मान सिंह की हत्या की साजिश रची गई। जिसे 24 अगस्त 23 को अंजाम दिया गया। कुसमरा में पहले से मौजूद थे हमलावर वारदात वाले दिन दोपहर मान सिंह कुसमरा गांव की चक्की में गेहूं पिसाने ...