लखनऊ, मई 21 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से इलेक्शन ट्रिब्यूनल द्वारा ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद पर निर्वाचित घोषित किए जाने के पांच महीने बाद भी अब तक शपथ नहीं दिलाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने राजधानी की मेयर के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक याची को शपथ नहीं दिला दी जाती, ये अधिकार सीज रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 मई की तिथि नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति एसक्यूएच रिजवी की खंडपीठ ने याची ललित तिवारी उर्फ ललित किशोर तिवारी की याचिका पर पारित किया है। यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट से लखनऊ मेयर की पॉवर सीज, फैसले से पहले ही सुषमा खर्कवाल अस्पताल में भर्ती इसके पूर्व दिए आदेश में भी न्यायालय ने कहा था कि यदि एक सप्ता...