नई दिल्ली, जून 11 -- केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार से एक जनहित याचिका पर जवाब मांगा। याचिका में मांग की गई कि राज्य वक्फ बोर्ड के कामकाज को गैर-कानूनी घोषित किया जाए, क्योंकि इसमें कानून के मुताबिक दो गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम. की पीठ ने राज्य सरकार, बोर्ड और उसके सदस्यों को नोटिस जारी किया। उनसे बीजेपी नेता शोन जॉर्ज द्वारा दायर जनहित याचिका पर उनका पक्ष पूछा गया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख तय की। याचिका में जॉर्ज ने दावा किया कि 'यूनाइटेड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट' में 2025 में हुए संशोधन के बाद, बोर्ड में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य है।

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