प्रयागराज, जुलाई 21 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साढ़े तीन साल के एक बच्चे की अभिरक्षा (कस्टडी) उसकी मां को सौंपने से पहले माता-पिता में सुलह का प्रयास किया लेकिन विश्व बैंक में कार्यरत पिता और मुंबई में पर्यावरण अभियंता के पद पर तैनात मां इसके लिए राजी नहीं हुए। कोर्ट ने मां को अभिरक्षा सौंपते हुए कहा है कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे की कस्टडी सामान्यतः मां के पास ही रहनी चाहिए, जब तक कि उसे इस अधिकार से वंचित करने वाली कोई ठोस परिस्थिति न हो। अदालत ने कहा कि बच्चे के सर्वोच्च हित को देखते हुए फिलहाल उसकी मां के साथ रहना ही सबसे उपयुक्त है।

माता-पिता की सुलह का प्रयास न्यायमूर्ति संदीप जैन ने यह आदेश एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत के निर्देश पर मां-पिता के साथ साढ़े ती...