लखनऊ, नवम्बर 18 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 11 वर्षों से विचाराधीन एक जनहित याचिका के मामले में विभागीय उदासीनता पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। साथ ही राज्य सरकार पर 15 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। न्यायालय ने यह आदेश जयंत सिंह तोमर की याचिका पर दिया है। वहीं आदेश के बावजूद एनएचएआई और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जवाब न देने पर भी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पहले भी पूछा था कि कि क्या मैंगो बेल्ट में पेड़ों की जियो टैगिंग की वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा सकती है। इस बार भी राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने निर्देश लेकर जानकारी देने की बात कही। इस पर न्यायालय ने कहा कि मामला 11 वर्षों से लंबित है और राज्य पक्ष अह भी निर्देश लेने की बात कर रहा है, जो स्वीकार नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।
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