रांची, जुलाई 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड में बाघों के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर अदालत ने पुनर्वासित ग्रामीणों को आवंटित जमीन की रसीद जारी करने की प्रक्रिया और प्रस्तावित रेलवे लाइन के एलाइनमेंट की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई दो माह बाद होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि बाघ संरक्षण क्षेत्र के भीतर रहने वाले जिन ग्रामीणों का पुनर्वास कर अन्य स्थानों पर बसाया गया है, उन्हें आवंटित जमीन की रसीद (दाखिल-खारिज संबंधी प्रक्रिया) जारी करने के प्रस्ताव को संबंधित मंत्री से स्वीकृति मिल चुकी है। यह भी...