नई दिल्ली, अगस्त 10 -- नई दिल्ली, प्रसं। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा काट रहे एक दुष्कर्म के दोषी को समय से पहले रिहा कर दिया। इस दोषी ने तीस साल से ज्यादा समय तक हिरासत में बिताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि लगातार जेल में रखना गुस्से व बदले की भावना वाली प्रणाली पर आधारित नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी की पीठ ने 15 साल हिरासत में बिताने वाले एक और दुष्कर्म के दोषी को भी राहत देते हुए कहा कि उम्रकैद के दोषियों को लगातार जेल में रखना कानूनी सजा के आधार पर सही ठहराया जाना चाहिए, जिसका मकसद सज़ा, रोकथाम, जनता की सुरक्षा व पुनर्वास के बीच संतुलन बनाना है。

दोषियों की याचिकाएं पीठ ने यह फैसला दो दोषियों की उन याचिकाओं पर सुनाया, जिनमें सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) के समय से पहले रिहाई की उनकी याचिकाओं को खारिज करने के फैसले ...