लखनऊ, अप्रैल 13 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम), उत्तर रेलवे को हाजिर होने का आदेश दिया है। न्यायालय ने पाया कि वर्ष 2015 से विचाराधीन एक जनहित याचिका पर अब तक रेलवे की ओर से उत्तर नहीं दाखिल किया गया है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मामले की अगली सुनवायी के लिए 8 मई की तिथि नियत की व उक्त तिथि पर डीआरएम को उपस्थित होने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने श्रीकांत शुक्ला की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में देवा-बाराबंकी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर पास बनाए जाने की मांग की गई है। यह भी पढ़ें- रेलवे अंडरपास सड़क पर नही लगी लाइट, परेशानी याचिका पर बृज कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया कि अंडर पास बनाने का काम रेलवे का है, उसे उक्त अंडर पास को कनेक्ट करने वाली र...