लखनऊ, फरवरी 16 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने वैवाहिक विवाद से संबंधित मुकदमे के स्थानांतरण सम्बंधी एक याचिका पर स्पष्ट किया है कि पत्नी द्वारा पति व उसके परिवार पर धमकियों के आरोप लगा देने भर से स्थानांतरण की प्रार्थना को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की एकल पीठ ने पत्नी की याचिका पर दिया। याचिका में हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत प्रतापगढ़ में विचाराधीन तलाक के मुकदमे को रायबरेली स्थानांतरित किए जाने की मांग की गई थी। याचिका का विरोध करते हुए, पति के अधिवक्ता चन्दन श्रीवास्तव ने दलील दी कि पति व उसके परिवार पर धमकियों के जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे अस्पष्ट और झूठे हैं, कथित धमकियों की शिकायत भी कहीं नहीं की गई है। पत्नी की ओर से यह भी कहा गया था कि वह एम्स रायबरेली में डॉक्टर है, ऐसे में मुकदमे की ...