लखनऊ, मई 28 -- ​लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व सैनिक पुष्कर सिंह कश्याल की याचिका को निस्तारित करते हुए सशस्त्र बल अधिकरण के दिव्यांगता पेंशन देने के आदेश को बरकरार रखा। ​न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने कहा कि बिना ठोस कारण बताए सिर्फ एनएएनए लिखकर किसी सैनिक को पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि सेना की हर पोस्टिंग तनावपूर्ण होती है और कल्याणकारी कानूनों की उदार व्याख्या होनी चाहिए।

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