रांची, अक्टूबर 27 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने पत्नी को मानसिक रूप से बीमार बताकर विवाह को अमान्य घोषित करने की मांग करने वाले पति की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति पर मानसिक बीमारी का आरोप लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करना जरूरी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। मामला बोकारो के पीके और बिहार के लखीसराय की एमके से संबंधित है। फैमिली कोर्ट, बोकारो ने साक्ष्यों के अभाव में पति की याचिका खारिज कर दी थी। यह भी पढ़ें- 'पत्नी पर पति के अफेयर और उसकी प्रेमिका को बहन.'; झारखंड हाईकोर्ट ने पलटा फैमिली कोर्ट का फैसला इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में साल 2021 में अपील की थी। शादी के बाद संबंध स्थापित नहीं होने का द...