औरंगाबाद, अप्रैल 21 -- अंबा बाजार से गुजरने वाले एनएच-139 पर प्रतिदिन हजारों मालवाहक हाइवा के आवागमन से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। संकरी सड़क पर भारी वाहनों के दबाव से जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं हाइवा के कर्कश और उच्च तीव्रता वाले हॉर्न ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बन रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार दिनभर 90 से 110 डेसिबल तक की तेज आवाज सुननी पड़ती है, जो निर्धारित मानकों से अधिक है और इससे श्रवण क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सामान्यतः 40 से 60 डेसिबल तक की ध्वनि कर्णप्रिय और आरामदायक मानी जाती है, जबकि 60 से 70 डेसिबल तक की आवाज लंबे समय तक रहने पर तनाव पैदा कर सकती है। 70 डेसिबल से उपर ध्वनि कष्टप्रद हो जाती है और 85 डेसिबल से अधिक स्तर पर लगातार संपर्क से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में ...