बांका, जून 18 -- बांका। बदलते मौसम, घटती कृषि भूमि और हरे चारे की बढ़ती समस्या के बीच हाइड्रोपोनिक्स तकनीक पशुपालकों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिना मिट्टी और रासायनिक उर्वरक के कम जगह में पौष्टिक हरा चारा तैयार किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि, यह तकनीक डेयरी, पोल्ट्री और बत्तख पालन से जुड़े किसानों की लागत घटाने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक साबित हो रही है।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक हाइड्रोपोनिक्स एक ऐसी विधि है जिसमें मक्का, जौ, गेहूं जैसे अनाजों को पानी की मदद से अंकुरित कर हरा चारा के रूप में तैयार किया जाता है। इसके लिए अनाज को करीब 12 घंटे तक पानी में भिगोाया जाता है और फिर विशेष ट्रे में रखा जाता है। यह मात्र 7 से 10 दिनों के भीतर पौष्टिक हरा चारा के रूप में तैयार हो जाता है। प्रा...