नई दिल्ली, मार्च 27 -- हस्तरेखा शास्त्र में रेखाओं के साथ-साथ विभिन्न चिह्नों का भी विशेष महत्व होता है। इनमें क्रॉस का चिह्न काफी गंभीर माना जाता है। क्रॉस दो रेखाओं के एक-दूसरे को काटने से बनता है और यह जीवन में किसी विशेष घटना या संकट का संकेत देता है। यदि यह क्रॉस हथेली के किसी प्रमुख पर्वत या महत्वपूर्ण रेखा पर स्थित हो, तो यह अशुभ फल दे सकता है। कई बार यह अनोहनी (अप्रत्याशित दुर्घटना या संकट) का पूर्व संकेत भी होता है। आइए जानते हैं हथेली के उन 5 खास स्थानों पर क्रॉस का निशान क्या संकेत देता है और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।शनि पर्वत पर क्रॉस - संघर्ष और अकाल मृत्यु का संकेत शनि पर्वत (मध्यमा उंगली के नीचे) पर क्रॉस होना बहुत गंभीर माना जाता है। यह दर्शाता है कि व्यक्ति को उसके अच्छे कर्मों का पूरा फल नहीं मिल पाता है। जीवन और करियर...
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