हस्तकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक : राज्यपाल
चाईबासा, अगस्त 7 -- जमशेदपुर । राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन लाखों बुनकरों की श्रमशीलता एवं आत्म सम्मान को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने सदियों से अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपने हाथों से बुना है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हस्तकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। राज्यपाल आज वीवर्स डेवलपमेंट एंड रिसर्च आर्गेनाईजेशन के द्वारा शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित 13वें हस्तकरघा दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को आरएसएस के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर, खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व सदस्य मनोज सिंह, आनंद साहू ने भी संबोधित किया। यह भी पढ़ें- Jamshedpur...
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