लखनऊ, मार्च 18 -- टीबी का बैक्टीरिया एक से दूसरे में आसानी से फैलता है। सबसे पहले यह फेफड़ों पर हमला करता है। हवा के माध्यम से बीमारी फैलती है। कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। यह जानकारी केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. विमला वेंकटेश ने दी। वह मंगलवार को माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से कलाम सेंटर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थी। डॉ. विमला वेंकटेश ने कहा कि टीबी के खात्मे के लिए इलाज जरूरी है। छह से आठ माह इलाज कर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य हो सकता है। इलाज में कोताही सेहत पर भारी पड़ सकती है। डॉ. पारुल जैन ने कहा कि टीबी से बचाव के लिए जन्म के तुरंत बाद बीसीजी टीकाकरण कराएं। स्वच्छता का ख्याल रखें। पौष्टिक आहार लें। धूम्रपान से दूरी बेहद जरूरी है। इस मौके पर क्विज प्रतियोगिता हुई। जिसमें मेडिकल...