नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। देश में जहां हवा में उड़ने वाले नए-नए ड्रोन तैयार हो रहे हैं, वहीं पानी के भीतर काम करने वाले मानव रहित वाहनों (एयूवी) का विकास भी तेजी से हो रहा है। वैज्ञानिकों ने नौसेना और तटरक्षक बल के उपयोग के लिए एक ऐसा आटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल तैयार किया है, जो समुद्र की गहराई में उतरकर विस्फोटकों की न सिर्फ पहचान कर लेता है बल्कि उन्हें निष्क्रिय भी बना देता है। युद्धकाल के दौरान समुद्र के भीतर भी विस्फोटक सुरंगे बिछा दी जाती हैं। इसके अलावा समुद्री डाकू भी आजकल पोतों को लूटने के लिए सी-माइन का इस्तेमाल करते हैं। यह एक गंभीर चुनौती है। इससे निपटने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने माइन न्यूट्रीलाइजेशन सिस्टम (एमएनएस) तैयार करने पर कार्य शुरू किया। इसमें नेवेल साइंस एंड टेक्नोलॉजी लेब्रोटरी विशाखापट्टनम, नेव...
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