नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू विमान कंपनियों पर केवल आंशिक एवं चरणबद्ध तरीके से 25 प्रतिशत (केवल 15 रुपये प्रति लीटर) की वृद्धि लागू की है। इसी के साथ देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने ईंधन शुल्क में बड़ा संशोधन कर दिया है। खास बात यह है कि इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर दूरी के हिसाब यह शुल्क लगाया है, जबकि इससे पहले 14 मार्च को लगाए गए ईंधन शुल्क में घरेलू सेवा के लिए एकमुश्त 425 रुपये जोड़े गए थे। इस नई व्यवस्था से हवाई सफर करने वालों को अधिक रकम चुकानी होगी। माना जा रहा है कि अन्य एयरलाइंस कंपनियां भी दूरी से हिसाब से ईंधन शुल्क वसूल सकती हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि विमानन कंपनियों के कुल खर्च में ईंधन का हिस्सा (करीब 40 फीसदी) काफी बड़ा होता है। इसलिए जैसे ही ईंधन ...