सिद्धार्थ, मार्च 10 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। पैग़म्बरे रसूल हज़रत मुहम्मद के दामाद व शियाओं के पहले इमाम हजरत अली को कूफा मस्जिद में नमाज़ के दौरान जहर भरे हथियार से घायल कर दिया गया था। गंभीर हालत में तड़पने के बाद 21 वीं रमजान को शहीद हो गए थे। उनकी याद में हल्लौर सहित अन्य गांवों में तीन दिवसीय शोक शुरू हो गया है। हजरत अली का शहादत दिवस बुधवार को गमगीन माहौल में मनाया जाएगा। हल्लौर स्थित जामा मस्जिद में जमाल हैदर जाकिर ने आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए रविवार रात कहा कि हज़रत अली का जन्म अरबी माह रजब की 13 तारीख को मस्जिद ए मक्का ख़ान ए काबा में हुआ था। इनकी मां का नाम फातिमा बिंते असद व पिता का नाम जनाबे अबूतालिब अस. था। इनकी शादी रसूले ख़ुदा की प्यारी बेटी जनाबे फातिमा जेहरा के साथ हुई थी। मुसलमान के चौथे ख़लीफा व शिया के पह...